Friday, November 6, 2009

आशियाना


ख्वाबो के आशियानों को मुझसे खफा किया

इसी क्या कहता थी की जो दिल से जुदा किया

मेरी एकिक वफाई का क्या तुने सिला दिया

चाह तुझे जो दिल से तो मुझ को ही भुला दिया

मेने तेरी रौशनी के लिए ख़ुद को जला दिया

तुने मेरी जिंदगी को अंधेरे में बसा दिया


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